छत्तीसगढ़ : पुलिस की पहल साइबर जागृति विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के बताए प्रभावी उपाय, डिजिटल सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक।
विद्यार्थियों के लिए साइबर जागरूकता कार्यक्रम।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने किया विद्यार्थियों से संवाद।
छत्तीसगढ़ ( बस्तर ) ओम प्रकाश सिंह । बस्तर पुलिस द्वारा में साइबर अपराधों से बचाव एवं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बस्तर थाना क्षेत्रान्तर्गत आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल में साइबर जागृति अभियान के तहत छात्र छात्राओं व शिक्षकों को साइबर फ्रॉड के विभिन्न तरीके से अवगत कराकर उसके बचने के संबंध में जानकारी देकर जागरूक किया गया। लगभग 150 विद्यार्थी उपस्थित थे।
कार्यक्रम बस्तर पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा, अतिरिक्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे तथा कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, डिजिटल फ्रॉड, सोशल मीडिया से जुड़े अपराध एवं साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के बदलते तरीकों से अवगत कराते हुए उनसे सतर्क रहने, अपनी व्यक्तिगत एवं वित्तीय जानकारी को सुरक्षित रखने तथा किसी भी अनजान लिंक, कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के भरोसा न करने की अपील की।
अधिकारियों ने विशेष रूप से बताया कि साइबर ठगी का शिकार होने की स्थिति में समय अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसी घटना होने पर पीड़ित को तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए तथा साइबर अपराध की सूचना संबंधित साइबर क्राइम पोर्टल/पुलिस को भी देनी चाहिए। समय पर शिकायत करने से ठगी की गई राशि को रोकने अथवा उसके लेन-देन पर तत्काल कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ इंटरैक्टिव संवाद भी किया गया। विद्यार्थियों द्वारा साइबर अपराधों, ऑनलाइन फ्रॉड एवं उनसे बचाव से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे गए, जिनका पुलिस अधिकारियों द्वारा व्यावहारिक उदाहरणों के साथ समाधान एवं मार्गदर्शन दिया गया। किसी भी घटना को छिपाने के बजाय उसकी सूचना देने पर जोर दिया।
बस्तर पुलिस द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने और पुलिस-जन संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक पहल रहा।



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