छत्तीसगढ़ : सेवा सुरक्षा व न्याय की मांग को लेकर गीदम में शिक्षक शिक्षिकाएं रैली एवं धरना प्रदर्शन से सड़क पर उतरे।
छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री नाम पर गीदम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन।
29 अगस्त 2026 को जिला स्तरीय रैली एवं धरना प्रदर्शन दंतेवाड़ा मुख्यालय में किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ ( गीदम-दंतेवाड़ा ) ओम प्रकाश सिंह । सेवा सुरक्षा, पदोन्नति, वेतन विसंगति और शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की बाध्यता समाप्त करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन गीदम इकाई के समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा जोरदार रैली एवं धरना प्रदर्शन गीदम विकासखंड मुख्यालय में किया गया।
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन गीदम ब्लॉक इकाई के पदाधिकारी ब्लॉक अध्यक्ष नितिन विश्वकर्मा एवं प्रांतीय सलाहकार तिरपरेश चापड़ी के नेतृत्व में गीदम विकासखंड के सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं पोस्टर, नारेबाजी एवं समूह हुंकार धरना प्रदर्शन के बाद सेवा सुरक्षा न्याय पदयात्रा रैली में शामिल हुए। फेडरेशन के पदाधिकारी जिला अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ सविता हपका, गीदम ब्लॉक अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ मंजू राठौर, मीता भारद्वाज, देवलाल पांडे ने कहा कि प्रदेश का प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षक संवर्ग लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है। शिक्षकों ने छत्तीसगढ़ शासन के समक्ष अपनी लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया और गीदम तहसीलदार पूनम ठाकुर को छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। फेडरेशन ब्लॉक अध्यक्ष नितिन विश्वकर्मा एवं प्रांतीय सलाहकार तिरपरेश चापड़ी ने कहा कि शासन स्तर पर मांगों के निराकरण में हो रही देरी से शिक्षकों में नाराजगी बढ़ रही है। शिक्षकों ने पूर्व से सेवा में कार्यरत शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा की बाध्यता से पूर्णतः मुक्त रखने की मांग की। उनका कहना है कि वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए टीईटी की अनिवार्यता लागू नहीं की जानी चाहिए। इसके साथ ही लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को वरिष्ठता के आधार पर निर्धारित समय सीमा में पूरा करने की मांग भी उठाई गई।



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