छत्तीसगढ़ : पुलिस कार्यालय जिला - बस्तर, जगदलपुर में 3 करोड़ से अधिक का वेतन घोटाला, तीनों बाबूओं को भेजा गया -जेल।

छत्तीसगढ़ : पुलिस कार्यालय जिला - बस्तर, जगदलपुर में 3 करोड़ से अधिक का वेतन घोटाला, तीनों बाबूओं को भेजा गया -जेल

छत्तीसगढ़ ( बस्तर-जगदलपुर ) ओम प्रकाश सिंह । पुलिस कार्यालय जिला - बस्तर, जगदलपुर में वेतन घोटाला, 3 बाबूओं ने किया 3.54 करोड़ का गबन के कथित वित्तीय घोटाले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है। 



गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गिरीश राय, राज कुमार कतलाम और हेमन्त मैथ्यू के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में लगभग 3 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि यह खेल पिछले 8 से 9 महीनों से चल रहा था और अब मामले की गहन जांच की जारी है। वेतन भुगतान के दौरान ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हुए आरोपित कर्मचारियों द्वारा निर्धारित वेतन राशि से कई गुना अधिक रकम अपने तथा कुछ अन्य खातों में स्थानांतरित की जा रही थी। इस गड़बड़ी का खुलासा विशेष ऑडिट और भुगतान अभिलेखों की जांच के दौरान हुआ, जिसमें वास्तविक भुगतान और दर्ज राशि के बीच बड़ा अंतर पाया गया।

वेतन शाखा के कर्मचारी गिरीश राय, राज कुमार क्तलाम और हेमन्त मैथ्यू की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
सूत्रों की मानें तो इस बड़े घोटोले में बैंक कुछ कर्मियों सहित विभाग से बाहरी व्यक्तियों के नाम भी जुड़ सकते हैं। विभाग द्वारा पता लगाया जा रहा है कि अतिक्ति राशि किन-किन बैंक खातों में भेजी गई और इस पूरे मामले में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।
विशेषज्ञों की मदद से वेतन भुगतान से जुड़े सॉफ्टवेयर, बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजेक्शन की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।
अन्य कर्मचारियों या बाहरी व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गिरफ्तारी के बाद 3 आरोपियों को सोमवार को जेल भेज दिया गया

एक सप्ताह से अधिक समय तक चली जांच के बाद की गई। पुलिस ने पुख्ता सबूतों के आधार पर यह कदम उठाया है। इस घटना ने पुलिस विभाग की आंतरिक वित्तीय नियंत्रण प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं❓ न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।

पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। मामले से जुड़े 3 आरोपी जेल भेज दिए गए हैं। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले सभी तथ्यों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। भविष्य में ऐसी वित्तीय अनियमितताएं न हों।
शासकीय ऑडिट से ज्ञात हुआ कि 
 पुलिस अधीक्षक कार्यालय जगदलपुर के वेतन शाखा में वेतन आहरण में गंभीर अनियमितता पाई गई ,जिस संबंध में प्राथमिक जांच कराई गई ,जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया की वेतन शाखा में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 450 गिरीश राय, आरक्षक 289 राजकुमार कतलम, एवं डीएसएफ आरक्षक 4003 हेमंत मैथ्यू के द्वारा वेतन देयक में गंभीर अनियमितता कर आपराधिक षडयंत्र कर वेतन देयक में कूटरचना कर ,डीडीओ के डिजीटल हस्ताक्षर पैनड्राईव का दुरुपयोग कर शासकीय रकम का तीनो आरोपीगण ने अपराधिक षडयंत्र कर विभिन्न भत्ता को बढाकर शाशकीय राशि का गबन किया । उपरोक्त आरोपीगण का कृत्य अपराध धारा 318(4), 316(5), 338, 336(3), 340, 61(2) BNS, 66 (C) IT Act का पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में गिरफ्तार कर रिमांड में लिया गया।

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