उत्तर प्रदेश : महंगाई और आपदा की दोहरी मार, प्रकृति का प्रकोप: अन्नदाता बेहाल...!
उत्तर प्रदेश ( जगतपुर - रायबरेली ) ओम प्रकाश सिंह । हे भगवान 🙆 ! एक ओर आसमान से बरसता कहर, तो दूसरी ओर महंगाई की मार—इन दो पाटों के बीच पिसता नजर आ रहा है क्षेत्र का किसान और आम जनमानस। शनिवार देर शाम को आई तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली ने खेतों में खड़ी गेहूं, तिलहन और आम सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई जगहों पर ओलावृष्टि की खबरों ने हालात को और भी भयावह बना दिया है।
कटाई के मुहाने पर खड़ी गेहूं की फसलें खेतों में बिछ गई हैं, तिलहन की बालियां टूटकर बर्बाद हो गईं, और आम के बागों में मंजर व फल झड़कर जमीन पर गिर गए। जिन खेतों में कुछ दिन पहले तक हरियाली और खुशहाली थी, आज वहां सन्नाटा और मायूसी पसरी हुई है।
यह आपदा केवल फसलों का नुकसान नहीं, बल्कि अन्नदाता के आत्मसम्मान और जीवन पर गहरा आघात है। यदि समय रहते सरकार और प्रशासन ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
अन्नदाता की पुकार—“हमें सहारा नहीं, हमारा हक चाहिए।”





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