छत्तीसगढ़ : उत्तर बस्तर डिवीजन के 6 एवं आरकेबी डिवीजन के 5 माओवादी कैडर कुल 11 ने हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में वापसी की...!
वामपंथी उग्रवाद का उन्मूलन - मिशन 2026 अंतिम मुकाम पर।
छत्तीसगढ़ ( कांकेर ) ओम प्रकाश सिंह । ‘‘पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन’’ पहल के तहत उत्तर बस्तर डिवीजन के 6 एवं आरकेबी डिवीजन के 5 माओवादी कैडर कुल 11 ने हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में वापसी की। इनमें PPCM-02, ACM 07, PM 2 शामिल हैं।इन माओवादी कैडरों पर कुल 60 लाख रूपये का ईनाम घोषित है।
पुनर्वास के दौरान माओवादियों ने अपने साथ लेकर आए 1 नग AK-47, 3 नग SLR, 3 नग 303 रायफल सहित 09 घातक हथियार वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सौंपा। उत्तर बस्तर डिवीजन एवं आरकेबी डिवीजन के अंतिम माओवादी कैडर पुनर्वासित हो रहे है।
उत्तर बस्तर डिवीजन अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वालों में प्रमुख शंकर मरकाम (पीपीसीएम), स्वरूपा उसेण्डी (पीपीसीएम), दूधी हिड़मा (पीएम/कंपनी नंबर-05 सदस्य) परतापुर एरिया कमेटी के राधिका उर्फ संगीता कुंजाम (एसीएम), संदीप उर्फ लखमू कड़ियाम (एसीएम), रानू उर्फ संजू उर्फ रैनू पद्दा (पीएम), आरकेबी डिवीजन अंतर्गत मंगेश पोड़ियामी (एसीएम, कोतरी एरिया कमेटी कमांडर), गणेश उर्फ सूर्यपाल बोडू (एसीएम, औधी-मोहला संयुक्त एरिया कमेटी कमाण्डर), राजे मोडियामी उर्फ जोगी मुचाकी (एसीएम कोतरी एरिया कमेटी), हिड़में उर्फ सुनीता मरकाम (एसीएम कोतरी एरिया कमेटी), मंगती जुर्री उर्फ मंगाय (एसीएम औधी-मोहला एरिया कमेटी) शामिल है, जिन्होने संगठन की औचित्यहीनता को स्वीकार करते हुए राष्ट्र की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।
इसके साथ साथ नक्सलियों के विभिन्न डंप बरामद किए गए, जिसमें ऑटोमैटिक राइफल 1-AK 47, 1- इंसास, 1- SLR देशी राइफल, 9- BGL लॉन्चर, 7- देशी कट्टा, भारी मात्रा में BGL सेल, ऑटोमैटिक हथियारों के राउंड, ग्रेनेड, डेटोनेटर, मैगजीन एवं 5 लाख रुपए नगद बरामद किए गए। मुख्यधारा में लौट आये माओवादी कैडर्स के पुनर्वास, सुरक्षा एवं सम्मानजनक जीवन के लिए अवसर प्रदान कर भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन की नीतियों के अनुरुप सार्थक प्रयास किये जा रहे हैं।
पुलिस लाइन कांकेर में आज ‘‘पूना मारगेम-पुनर्वास से पुनर्जीवन’’ पहल के अंतर्गत आयोजित पुनर्वास कार्यक्रम निखिल राखेचा (भा.पु.से) पुलिस अधीक्षक कांकेर, टी. मोहन कमांडेंट BSF भानुप्रतापपुर सेक्टर, रवि भूषण कमांडेंट 178 वाहिनी BSF, प्रियव्रत शर्मा कमांडेंट 33वीं वाहिनी SSB, आकाश श्रीश्रीमाल (भा.पु.से.) अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भानुप्रतापपुर एवं योगेश साहू (रा.पु.से.) अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कांकेर, दिनेश सिन्हा (रा.पु. से.) अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, गिरिजा शंकर साव (रा.पु.से.) डीएसपी नक्सल ऑपरेशन कांकेर, अविनाश ठाकुर (रा.पु.से.) डीएसपी डीआरजी कांकेर एवं अन्य अधिकारीगण की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
♦️ ‘‘पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन’’ पहल के माध्यम से हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले माओवादियों को पुनर्वास, सुरक्षा तथा सम्मानजनक जीवन के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में स्थायी शांति, विकास और विश्वास के वातावरण को और अधिक सुद्ढ बनाना है, कि क्षेत्र में शांति और प्रगति की नई संभावनाएँ साकार हो सकें।
♦️‘‘पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन’’ अभियान के माध्यम से जिला पुलिस कांकेर ने बचे हुए गिने-चुने शेष माओवादी कैडर्स से अपील की है कि- हिंसा छोंडकर, हथियार त्यागकर मुख्यधारा में लौंटे। शासन उनके सुरक्षित, सम्मानजनक और उज्जवल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
आत्मसमर्पित कैडर की जानकारी -
♦️ACM राधिका कुंजाम वर्ष 2016 में संगठन में शामिल हुई। ईनाम -05 लाख रूपये।
ACM हिड़मे मरकाम वर्ष 2008 में संगठन में शामिल हुई। ईनाम -05 लाख रूपये।
ACM राजे मोडियामी वर्ष 2014 में संगठन में शामिल हुई। ईनाम -05 लाख रूपये।
ACM मंगती जुर्री वर्ष 2008 में संगठन में शामिल हुई। ईनाम -05 लाख रूपये।
ACM संदीप कड़ियाम वर्ष 2020 में संगठन में शामिल हुआ। ईनाम -05 लाख रूपये।
PM हिड़मा दूधी वर्ष 2020 में संगठन में शामिल हुआ। ईनाम -08 लाख रूपये।
PPCM शंकर मरकाम वर्ष 2017 में संगठन में शामिल हुआ। ईनाम -08 लाख रूपये।
PM रानू उर्फ संजू उर्फ रैनू पद्दा वर्ष 2025 में संगठन में शामिल हुआ। ईनाम -01 लाख रूपये।
♦️ शासन की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों को नियमानुसार आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त उन्हें समाज में सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि वे स्थायी रूप से मुख्यधारा के जीवन से जुड़ सकें।




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