छत्तीसगढ़ : सेवानिवृत्त शिक्षक को पेंशन कार्ड का झांसा देकर ₹5.90 लाख की ठगी के 2 आरोपी को पुलिस ने किया-गिरफ्तार।
जामताड़ा से कोलकाता तक साइबर ठगों का पीछा, पुलिस ने 2 आरोपियों को दबोचा।
20 दिनों के भीतर अंतरराज्यीय साइबर ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई।
₹5.90 लाख की साइबर ठगी का मामला सुलझाया।
जामताड़ा, झारखंड के 2 आरोपी कोलकाता, पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार।
82 ATM कार्ड, 6 मोबाइल फोन, 5 सिम कार्ड, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री एवं ₹25,000 नकद जब्त।
अन्य राज्यों में साइबर अपराधों से जुड़े नेटवर्क की जांच जारी।
ऐसे बुना ठगी का जाल
छत्तीसगढ़ ( बस्तर-जगदलपुर ) ओम प्रकाश सिंह । एक सेवानिवृत्त शिक्षक को फेसबुक पर सीनियर सिटीजन पेंशन कार्ड बनवाने का विज्ञापन दिखाई दिया। सरकारी लाभ मिलने की उम्मीद में उन्होंने विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक किया। लिंक खुलने पर ऑनलाइन फॉर्म में आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक खाते से संबंधित जानकारी भरने का विकल्प मिला।
प्रार्थी द्वारा फॉर्म में आंशिक जानकारी भरकर छोड़ देने के बाद अज्ञात मोबाइल नंबरों से फोन कॉल आए। इन कॉल के माध्यम से प्रार्थी की व्यक्तिगत एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी प्राप्त की गई और उनके बैंक खाते से ₹5,90,000 (पांच लाख नब्बे हजार रुपये) ऑनलाइन ट्रांसफर कर ठगी कर ली गई।
शिकायत पर थाना फ्रेजरपुर (परपा) में अपराध क्रमांक 241/2026 पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
🚨तकनीकी जांच से कोलकाता तक पहुंची पुलिस🚨
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा (IPS) ने त्वरित जांच एवं आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर के पर्यवेक्षण तथा नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे (IPS) एवं उप पुलिस अधीक्षक, साइबर चंद्रहास के मार्गदर्शन में विशेष टीमें गठित की गईं।
पुलिस टीम ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों, ठगी की रकम जिन बैंक खातों में स्थानांतरित हुई थी, तथा ATM से रकम निकासी से संबंधित CCTV जानकारी का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में आरोपियों के तार झारखंड के जामताड़ा जिले से जुड़े पाए गए।
आरोपी लगातार अपना लोकेशन बदल रहे थे। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनका लोकेशन कोलकाता, पश्चिम बंगाल में ट्रेस किया गया। इसके बाद निरीक्षक सागर पाठक के नेतृत्व में पुलिस टीम को कोलकाता रवाना किया गया।
कोलकाता के पार्क स्ट्रीट क्षेत्र में लगभग 200 होटलों से जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और स्थानीय पुलिस के सहयोग से घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
अपराध दर्ज होने के महज 20 दिनों के भीतर की गई इस कार्रवाई के बाद आरोपियों को न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर जिला बस्तर लाया गया।
🚨आरोपियों के कब्जे से जब्ती🚨
82 नग विभिन्न बैंकों के ATM कार्ड
6 मोबाइल फोन
5 सिम कार्ड
Croma Ear Pod, Croma Headphone, Croma Power Bank एवं Aviz Ear Pod
₹25,000 नकद
जब्त ATM कार्डों एवं मोबाइल नंबरों के आधार पर अन्य जिलों और राज्यों में हुई साइबर ठगी की घटनाओं में आरोपियों की संभावित संलिप्तता की जांच की जा रही है।
🚨बस्तर पुलिस की अपील: एक क्लिक से पहले सावधान!
पेंशन कार्ड, सरकारी योजना या किसी वित्तीय लाभ के नाम पर आने वाला हर लिंक भरोसेमंद नहीं होता।
सोशल मीडिया पर दिखने वाले संदिग्ध विज्ञापनों और अनजान लिंक से सावधान रहें।
आधार, पैन, बैंक खाता, ATM कार्ड, PIN और OTP जैसी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें।
पेंशन एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी केवल संबंधित विभाग के आधिकारिक माध्यमों से सत्यापित करें।
अपने सोशल मीडिया खातों पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन सक्रिय रखें।
साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।




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