उत्तर प्रदेश : राना बेनी माधव सिंह स्मारक समिति शंकरपुर की मासिक बैठक संपन्न।

उत्तर प्रदेश : राना बेनी माधव सिंह स्मारक समिति शंकरपुर की मासिक बैठक संपन्न।

अवध केसरी’ राना बेनी माधव सिंह की 222वीं जयंती भव्यता से मनाने की रूपरेखा तैयार

राना बेनी माधव सिंह केवल रायबरेली ही नहीं, बल्कि पूरे देश की स्वतंत्रता चेतना के प्रतीक: हरिचन्द्र बहादुर सिंह

दो घंटे चली बैठक में समिति पदाधिकारियों ने रखे सुझाव, ऐतिहासिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर

क्रासर : संयोजक अरुणेंद्र सिंह चौहान के शहर स्थित आवास पर हुई बैठक में जयंती समारोह को भव्य स्वरूप देने, ऐतिहासिक स्मृतियों के संरक्षण और व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित करने पर विस्तृत मंथन

उत्तर प्रदेश ( रायबरेली ) ओम प्रकाश सिंह । 1857वीं क्रांति के अमर सेनानी, ‘अवध केसरी’ के नाम से विख्यात वीर योद्धा राना बेनी माधव सिंह की गौरवशाली स्मृतियों को संजोने और उनकी 222वीं जयंती को ऐतिहासिक एवं भव्य स्वरूप में मनाने की तैयारियों को लेकर राना बेनी माधव सिंह स्मारक समिति, शंकरपुर की मासिक बैठक रविवार को 11 बजे  शहर स्थित समिति के संयोजक अरुणेंद्र प्रताप सिंह चौहान के आवास पर संपन्न हुई। 



करीब दो घंटे तक चली बैठक में समिति पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने जयंती समारोह की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा करते हुए इसे जनपद ही नहीं बल्कि प्रदेश स्तर का ऐतिहासिक आयोजन बनाने का संकल्प लिया। बैठक की अध्यक्षता समिति के संस्थापक एवं प्रेरणास्रोत हरिचन्द्र बहादुर सिंह ने की। संचालन समिति के संयोजक अरुणेंद्र सिंह चौहान सिंह ने किया। समिति के सचिव डा आजेंद्र प्रताप सिंह ने बैठक में सात महत्वपूर्ण बिंदुओं को सबके बीच साझा किया, जिस पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। आगामी 24 अगस्त  को मनाई जाने वाली राना साहब की 222वीं जयंती को भव्यता प्रदान करने, ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण, युवाओं को उनके संघर्षमय जीवन से जोड़ने तथा समारोह में अधिकाधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। 



बैठक को संबोधित करते हुए संस्थापक हरिचन्द्र बहादुर सिंह ने कहा कि राना बेनी माधव सिंह केवल रायबरेली ही नहीं, बल्कि पूरे देश की स्वतंत्रता चेतना के प्रतीक हैं। उन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देते हुए अवध की धरती को गौरवान्वित किया। उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। संयोजक अरुणेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल जयंती मनाना नहीं, बल्कि राना साहब के शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति की विरासत को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। 

इस वर्ष जयंती समारोह को और अधिक भव्य एवं प्रभावी बनाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है। बैठक में समिति के वरिष्ठ संरक्षक अरुण कुमार त्रिपाठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम अकबाल बहादुर सिंह, समिति के उपाध्यक्ष दिलीप द्विवेदी, सचिव प्रो. डॉ.आजेंद्र प्रताप सिंह, समिति के सदस्यों में लालआशकिरण प्रताप सिंह एडवोकेट, नीरज सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि राना साहब का व्यक्तित्व भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के स्वर्णिम अध्याय का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनकी जयंती केवल एक आयोजन नहीं बल्कि राष्ट्रीय चेतना का उत्सव है। 

बैठक में यह जानकारी दी गई कि 24 अगस्त 1813 को जन्मे राणा बेनी माधव सिंह की वर्ष 2026 में 222वीं जयंती मनाई जाएगी। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी उनकी जन्मस्थली शंकरपुर एवं जगतपुर में ‘भाव समर्पण समारोह’ आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम को बृहद स्वरूप देने के लिए शौर्य सम्मान, सामाजिक सरोकारों से जुड़े महान विभूतियां को सम्मान, सांस्कृतिक आयोजन, ऐतिहासिक व्याख्यान, पुष्पांजलि समारोह एवं जनजागरण कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की गई। बैठक के अंत में समिति ने संकल्प लिया कि ‘अवध केसरी’ राना बेनी माधव सिंह के अद्वितीय योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए वर्षभर विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान की उनकी विरासत सदैव जीवित रहे। 

इस अवसर पर अजय प्रताप सिंह राठौर, दिनेश सिंह, जितेंद्र सिंह (एडीओ पंचायत), इं. राजकुमार सिंह, अजय पाल सिंह चौहान एडवोकेट, श्याम सिंह, रमन सिंह, अतुल सिंह, रतन सिंह, बीपी सिंह एवं मीडिया प्रभारी मनीष श्रीवास्तव एडवोकेट सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।

Post a Comment

0 Comments