छत्तीसगढ़ : शांति, सुरक्षा और विकास के प्रतीक बने सुन्दरराज पी., बस्तर ने किया भव्य नागरिक अभिनंदन।
नक्सलमुक्त बस्तर के शिल्पकार बने पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी. का नागरिक अलंकरण समारोह में जनजातीय गौरव समाज ने किया भव्य सम्मान।
बस्तर की शांति और विकास के नायक सुन्दरराज पी. का नागरिक अलंकरण, जनजातीय गौरव समाज ने जताया आभार
बस्तर अब मेरी सिर्फ पदस्थापना नहीं, बल्कि मेरे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है, यहां की मिट्टी, समाज और संघर्ष ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है - सुन्दरराज पी.
पारंपरिक स्वागत और जनजातीय नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों से सजा नागरिक अलंकरण समारोह
छत्तीसगढ़ ( बस्तर-जगदलपुर ) ओम प्रकाश सिंह । जनजातीय गौरव समाज बस्तर संभाग के तत्वावधान में नागरिक अलंकरण समारोह का आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार (टाउन हॉल) में भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर बस्तर के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुन्दरराज को बस्तर संभाग में नक्सल मुक्त अभियान में उनके उल्लेखनीय, साहसिक एवं उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बस्तर पुलिस महानिरीक्षक पी. सुन्दरराज ने अपने अनुभव साझा करते हुए अत्यंत भावुक शब्दों में कहा कि बस्तर अब केवल मेरी पदस्थापना का स्थान नहीं, बल्कि मेरे जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है। उन्होंने कहा कि यहां की मिट्टी, यहां के जनजातीय समाज की सादगी, अपनापन और संघर्षशीलता ने उनके जीवन को गहराई से प्रभावित किया है। बस्तर में बिताया गया हर पल उनके लिए सीख, सेवा और समर्पण का प्रतीक रहा है।
उन्होंने कहा कि नक्सलमुक्त बस्तर का सपना केवल सुरक्षा बलों का नहीं, बल्कि यहां के आम नागरिकों, जनजातीय समाज और प्रशासन के सामूहिक विश्वास और प्रयासों का परिणाम है। बस्तर की जनता ने जिस साहस और सहयोग का परिचय दिया, वह हमेशा उनके हृदय में अंकित रहेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर शांति, विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुएगा और आने वाली पीढ़ियां एक सुरक्षित एवं सशक्त बस्तर का निर्माण करेंगी।
कार्यक्रम को पद्मश्री सम्मानित सुश्री बुधरी ताती ने भी संबोधित किया और अपने जीवन के संघर्षों व अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि बस्तर की पहचान उसकी संस्कृति, परंपरा और जनजातीय अस्मिता से है। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति और विकास की स्थापना केवल प्रशासनिक प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज की एकजुटता और जागरूकता से संभव हुई है।
जनजातीय गौरव समाज के प्रदेश सचिव गोपाल सिंह नाग ने अपने संबोधन में बस्तर में बीते साढ़े चार दशकों से व्याप्त नक्सल समस्या पर विस्तार से अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद ने बस्तर की सामाजिक संरचना, विकास की गति और जनजीवन को गहराई से प्रभावित किया, लेकिन इस चुनौतीपूर्ण दौर में बस्तर ने संघर्ष, साहस और धैर्य के साथ आगे बढ़ने का संकल्प कभी नहीं छोड़ा।
साथ ही कार्यक्रम को जनजातीय गौरव समाज के प्रदेश महामंत्री रामलखन पैकरा ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बस्तर की शांति, सुरक्षा और विकास के लिए समर्पित अधिकारियों का सम्मान समाज के लिए गौरव का विषय है।
कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन जनजातीय गौरव समाज बस्तर संभाग के संभागीय अध्यक्ष तुल्लुराम कश्यप ने दिया। वहीं कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन समाज के जिलाध्यक्ष संतोष नाग ने किया।
इस अवसर पर विशेष रूप से लच्छूराम कश्यप, सुभाउराम कश्यप, दशरथ कश्यप, सन्नू कोरसा, जगदीश मौर्य, सदानंद समरथ, अमृत बघेल, रूपसाय सलाम, लोकनाथ गागड़ा, संतोष बघेल, धनीराम बारसे, जी.पी. नाग, चमेली जीराम, बालमती नागेश, पुरूषोत्तम साह, रामप्रसाद मौर्य, कामो कुंजाम, नंदकिशोर राणा, दिनेश नेताम, हेमबती बघेल, महादेव नाग, चन्द्राकांत भण्डारी, दिवाकर कश्यप, बंशीधर कश्यप, रामूराम नेताम, कामदेव बघेल, बलदेव मंडावी सहित समाज के गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।














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