छत्तीसगढ़ : बस्तर की 98 ग्राम पंचायतें हुईं टीबी मुक्त विश्व क्षय दिवस पर मिला सम्मान जागरूकता को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना

छत्तीसगढ़ : बस्तर की 98 ग्राम पंचायतें हुईं टीबी मुक्त

विश्व क्षय दिवस पर मिला सम्मान

जागरूकता को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना



छत्तीसगढ़ ( ​जगदलपुर ) बस्तर दर्पण । बस्तर जिले ने टीबी की बीमारी के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। विश्व क्षय दिवस के मौके पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिले की 98 ग्राम पंचायतों को 'टीबी मुक्त' घोषित किया गया। महारानी अस्पताल के शहीद गुण्डाधुर सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में इन पंचायतों के सरपंचों और स्वास्थ्य टीमों को उनकी मेहनत और बेहतरीन सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। साल 2024 के दौरान इन पंचायतों ने मरीजों की पहचान करने और उनका पूरा इलाज करवाने में 100% सफलता पाई है।




​इस अवसर पर "हाँ! हम क्षय रोग को खत्म कर सकते हैं: भारत के नेतृत्व में, जनभागीदारी की शक्ति से के नारे के साथ उन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मितानों और वॉलंटियर्स की भी सराहना की गई जिन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि पंचायतों की सक्रियता की वजह से अब गांवों में टीबी को लेकर डर और गलतफहमियां दूर हो रही हैं। 



इस अवसर पर सभी ने मिलकर बस्तर और छत्तीसगढ़ को टीबी मुक्त बनाने की शपथ ली। समारोह में मरीजों की मदद करने वाले 'निक्षय मित्रों' को भी प्रमाण पत्र दिए गए और इलाज करा रहे मरीजों को बेहतर खान-पान के लिए 'फूड-बास्केट' बांटे गए। इसी कड़ी में जगदलपुर नगर निगम द्वारा एक 'टीबी जागरूकता रथ' भी रवाना किया गया, जिसे स्वास्थ्य समिति के सभापति लक्ष्मण झा ने हरी झंडी दिखाई। यह रथ शहर और गांवों में घूम-घूम कर लोगों को टीबी के लक्षणों और मुफ्त इलाज की जानकारी देगा।




​कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. महेश सांडिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय बसाक, सिविल सर्जन डॉ. संजय प्रसाद और डीपीएम डॉ. मैत्री रीना लक्ष्मी, जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ सी मैत्री सहित कई वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद रहे। 



इस दौरान उन 'टीबी मितानों' का भी सम्मान हुआ जो खुद कभी इस बीमारी से पीड़ित थे और अब ठीक होकर दूसरे मरीजों की मदद कर रहे हैं। 



मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अधिकारियों ने कहा कि समाज की भागीदारी से ही हम पूरी तरह टीबी मुक्त समाज बना सकते हैं।



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